बुद्धिमान राजा-हिंदी कहानी

एक बार एक राजा था।

राजा से मिलने रानी साहिबा आयी तो अपने हाथो में फूलो की दो मालाये लेकर आयी। एक माला असली फूलो की थी और दूसरी माला नकली फूलो की थी। दोनों दिखने में एक जैसी थी।

रानी ने पूछा, “राजा साहब, बताइये कोनसी माला असली फूलो की हैं और कोनसी नकली फूलो की हैं।”

राजा थोड़ी देर शांत रहा। उसने खिड़की के बाहर कुछ मधुमक्खियां को देखा। वो गुलाब के फूलो पर बैठी थी।

“खिड़की को खोल दो” राजा ने नौकर को आदेश दिया।

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नौकर ने आज्ञा का पालन किया। मधुमक्खियां खिड़की से होकर कमरे के अंदर आ गयी। वो जाकर असली फूलो वाली माला के ऊपर बैठ गयी।

अब सभी को पता चल गया कि कोनसी माला असली हैं। रानी ने राजा की बुद्धिमानी की तारीफ की।

इसी प्रकार हम सभी के अंदर के गुणों को ज्यादा देर तक छुपा के नहीं रख सकते। वो देर सबेर सभी के सामने आ जाते हैं।

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