ठहरे हुए पानी सा जीवन?

क्या आपका जीवन भी ठहरे हुए पानी सा हो गया है?

अगर आपका जीवन भी ठहरे हुए पानी सा हो गया है। तो सावधान हो जाइए ठहरा हुआ पानी शांत दिखता है। लेकिन थोड़े दिन के बाद वह गंदला होता जाएगा। और ज्यादा समय बीतने पर कीड़े मकोड़ो से और दुर्गंध से भरपूर हो जाएगा।

रुक गए तो नष्ट हो गए

आज के जमाने में सब लोग सुरक्षा चाहते हैं। बंधन में रहना किसी को पसंद नहीं है, फिर भी हम यह क्यों चाहते हैं कि खाना पीना अच्छे से हो रहा है और घर पर आराम से है, तो अब क्या नया करने की जरूरत है।

दो वक्त की रोटी तो जेल में रहने वाले कैदी को भी मिलती है लेकिन वहां खुली हवा, स्वतंत्रता, स्वाभिमान कहां पर है।

आरामदायक स्थिति में जीने से जीवन से हम अपार संभावनाओं को खो देते हैं।

अगर बिछेंद्री पाल भी यह सोचती कि आराम से कर बैठे, ज़िन्दगी काट रही हैं, तो क्यों पर्वतों की भागादौड़ी करूं। तो क्या वह कभी दूसरों के लिए मिसाल बन पाती। नहीं…कभी नहीं।

सबसे महान काम जो आप कर सकते हैं, वह है…अपने सपनों का जीवन जीना।

तो ठहरे हुए पानी की तरह जीना छोड़ कर… जिंदगी की राहों में उछाल मारे और दुनिया के लिए एक मिसाल बन जाए।

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