माफ़ी की रेत-हिंदी कहानी

माफ़ी की रेत-Hindi Stories

Motivational Stories

दो दोस्त एक रेगिस्तान से गुजर रहे थे।

बीच रास्ते में किसी बात पर उनमे कहासुनी हो गयी। एक दोस्त ने दूसरे दोस्त को थप्पड़ मार दिया।

जिस दोस्त को थप्पड़ मारा, उस दोस्त के दिल पर चोट लग गयी। लेकिन उसने कुछ नहीं कहा, उसने रेत पर लिखा, “आज मेरे दोस्त ने मेरे को थप्पड़ मारा।”

दोनों रेगिस्तान में चलते रहे, आगे उनको एक छोटा सा तालाब देखा।

दोनों वहा पर नहाने लगे। इतने में जिस दोस्त को थप्पड़ मारा था वो तालाब में पैर फिसलने के कारण डूबने लगा।

दूसरे दोस्त ने उसको बचा लिया। डूबने से बचने के बाद थोड़ा ठीक होने के पर, उसने पत्थर पर लिखा, “आज मेरे दोस्त ने मेरी जान बचायी।”

अब जिस दोस्त ने थप्पड़ मारा उसने दूसरे दोस्त से पूछा, “दोस्त मैंने जब तुम्हारा दिल दुखाया तब तुमने रेत पर लिखा और अभी तुमने पत्थर पर लिखा। ऐसा क्यों?”

दूसरे दोस्त ने जवाब दिया, “जब हमारा कोई दिल दुखाता हैं तो हमे रेत पर लिख देना चाहिए। ताकि माफ़ी की हवाएं इसे मिटा सके। लेकिन जब भी कोई हमारे लिए अच्छा करता हैं तो हमे इसे पत्थर पर लिखना चाहिए जहां से कोई भी हवा इसे मिटा नहीं सके।”

दोस्तों कैसी लगी ये कहानी हमे कमेंट करके जरूर बताये। और भी बहुत सारी हिंदी नैतिक कहानिया, नैतिक शिक्षा की कहानिया, मोटिवेशनल कहानिया, अच्छी अच्छी कहानिया और प्रेरणादायक कहानिया पढ़ने के लिए इस ब्लॉग से जुड़े रहे।आपका इस धाकड़ बाते ब्लॉग पर आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्।

अगर आपके पास भी कोई प्रेरणादायक लेख, कहानी, निबंध या फिर कोई जानकारी हैं, जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं, तो आप हमे dhakadbaate@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं। पसंद आने पर हम आपके नाम के साथ इस ब्लॉग पर पब्लिश करेंगे। साथ ही आप हमसे जुड़े रहने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिये। धन्यवाद!

Read more hindi stories:

This Post Has 2 Comments

    1. Dinesh

      Thank you

अपना मूल्यवान कमेंट यहाँ लिखे