ज़िन्दगी संवार देंगे सूफी संत जलालुद्दीन रूमी के सुविचार

सूफी संत जलालुद्दीन रूमी के प्रेरक कथन – Rumi Quotes

आपकी मंजिल आपको तलाश रही है।

जलालुद्दीन रूमी

प्यार करने वाले आखिर में नहीं मिलते हैं, वे तो हमेशा से एक दूसरे में समाये रहते हैं।

जलालुद्दीन रूमी

आपके जीवन को केवल एक ही आदमी बदल सकता है, वह है आप खुद।

जलालुद्दीन रूमी

अपने शब्दों को ऊँचा करो आवाज को नहीं! बादलों की बारिश ही फूलों को बढ़ने देती है, उनकी गर्जना नहीं।

जलालुद्दीन रूमी

दिल से निकलने वाले शब्द ही दिल में प्रवेश करते हैं।

जलालुद्दीन रूमी

जब आप उड़ने के लिए पैदा हुए हो, तो जीवन में रेंगना क्यों चाहते हो?

जलालुद्दीन रूमी

कल मैं चालाक था, इसलिए दुनिया को बदलना चाहता था। आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए अपने आप को बदल रहा हूँ।

जलालुद्दीन रूमी

हर इंसान को कुछ विशेष काम के लिए बनाया गया है, और उस काम को करने की इच्छा हर एक के दिल में डाल दी गई है।

जलालुद्दीन रूमी

सूफी संत जलालुद्दीन रूमी के अनमोल वचन

दुनिया हमें मूर्ख बनाती है, कहती हैं कि हमें कल का इंतजार करना चाहिए, जबकि जीवन का आनंद तो इसी क्षण में है जिसमें अभी आप जी रहे हैं।

जलालुद्दीन रूमी

आप केवल अपने दिल से ही आकाश को छू सकते हैं।

जलालुद्दीन रूमी

जब आप संघर्ष के दौर से गुजरते हो, जब सब आपका विरोध करने लग जाये, जब आपको लगे कि अब आप एक मिनट भी सहन नहीं कर सकते हो, तब आप कभी हार न माने! क्योंकि यही वह समय और स्थान है जब आपका अच्छा समय शुरू होगा।

जलालुद्दीन रूमी

जब दुनिया आप को आपके घुटनों पे धकेल देती है तो यह आदर्श स्थिति बन जाती है परमपिता पमेश्वर से प्रार्थना करने के लिए।

जलालुद्दीन रूमी

जब आप अपनी पूरी आत्मा के साथ काम करते हैं तब आपके अंदर खुशी की एक नदी बहने लगे जाती हैं।

जलालुद्दीन रूमी

इस जगत में लोग पहले खुद को नहीं देखते हैं, इसी कारण वह एक दूसरे पर आरोप लगता है।

जलालुद्दीन रूमी

मौन रहना भगवान की भाषा है।

जलालुद्दीन रूमी

कर्म करने में ही अधिकार है, फल में नहीं। अपने काम में सुंदरता खोजो, उससे सुंदर कुछ और हों ही नहीं सकता।

जलालुद्दीन रूमी

अहंकार मनुष्य और ईश्वर के बीच मे सबसे बड़ा पर्दा है।

जलालुद्दीन रूमी

जलालुद्दीन रूमी हिंदी कोट्स

प्रेम के अलावा, सब कुछ चला जाता है। जन्नत का रास्ता आप के दिल से हो कर ही गुजरता है, वहां जाने के लिए अपने प्रेम के पंखों को खोलो और उड़ जाओ।

जलालुद्दीन रूमी

हम सभी प्रेम से उत्पन्न हुए हैं, प्रेम ही हम सबकी माँ है।

जलालुद्दीन रूमी

एक बार तुम्हारे भीतर का गुलाम गायब हो जाए, तो तुम बादशाहो के भी बादशाह बन जाओगे।

जलालुद्दीन रूमी

मैं पक्षियों की तरह गाना चाहता हूँ, मुझे परवाह नही कि कौन सुनता है या वो क्या सोचते हैं।

जलालुद्दीन रूमी

सूरज की किरणे दीवार पर गिरती हैं, और दीवार चमकने लगती है पर असलियत में यह दीवार की चमक नहीं है, ठीक इसी प्रकार इस दुनिया में हर चीज़ की अपनी खुद की कोई खूबी नहीं है, इसलिए तुम उस स्रोत की तलाश करो, जो की हमेशा अपनी खुद की रौशनी से चमकता है।

जलालुद्दीन रूमी

प्रेम अपने आप सभी भाषाओं के माध्यम से अपना रास्ता खोज लेता हैं।

जलालुद्दीन रूमी

आभार को एक वस्त्र की तरह पहनें और यह आपके जीवन के हर हिस्से का पोषण करेगा।

जलालुद्दीन रूमी

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