ओवरथिंकिंग (ज्यादा सोचने) से कैसे बचे (Over-thinking)

ओवरथिंकिंग क्या है

over-thinking se kaise bache

आपके दिमाग में कुछ हैं और लगातार उस चीज के बारे में सोचते हुए, अपने दिमाग के घोड़े दौड़ाते रहते हैं। विचार बहुत ही गहरे होते जाते हैं और आप उससे रिलेटेड परिणाम, घटनाओ और संभावनाओं के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं। इसे ही ओवरथिंकिंग करते हैं।

हालांकि कुछ जगह सोचना जरूरी है लेकिन बिना काम किए, बिन जरूरी चीजों पर भी पूरे दिन सोचते रहना, गलत नहीं…बहुत गलत बात है।

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ओवरथिंकिंग के परिणाम:

  • इससे तनाव बढ़ जाता है।
  • डिसीजन मेकिंग क्षमता कम हो जाती है।
  • ज्यादा ओवर-थिंकिंग से आदमी सोचता रहता है, करता कुछ नहीं है। इससे वह निष्क्रिय हो जाता है।
  • यह नए सकारात्मक विचारों को ब्लॉक कर देता है।
  • किसी की भी अच्छी-खासी जिंदगी को बर्बाद कर सकता है।
  • फ्रस्ट्रेशन(अवसाद) बढ़ जाता है।
  • इंसान मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाता है।
  • हर चीज में शक करने लग जाता है।
  • एकाग्रता की कमी हो जाती है, जिससे अपने रोजाना के कामों में सही से ध्यान नहीं लगा पाता है।

इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि कभी ना खत्म होने वाली विचारों की आंधी को रोके क्योंकि यह ज्यादातर नकारात्मक ही होती हैं।

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यहां 6 तरीके दिए गए हैं, जिनसे आप ओवरथिंकिंग से छुटकारा पा सकते हैं।

ओवरथिंकिंग से बचाव

1. ध्यान भटका ले:

जब भी ओवरथिंकिंग हो, तुरंत सक्रिय रूप से अपना ध्यान और जगह लगा ले। तुरंत कोई गाना सुने या गेम खेलने लग जाए या फिर कुछ पढ़ने लग जाए या फिर पुशअप्स लगाने लग जाए। इससे आपका माइंड डाइवर्ट हो जाएगा और ओवरथिंकिंग से बच जाएंगे।

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2. खुद के बारे में जागरूक रहे हैं

किसी भी चीज को रोकने के लिए यह पता होना बहुत जरुरी हैं कि यह हो रही है। ओवरथिंकिंग विचारों की बाढ़ है। जिससे तनाव और चिंता बढ़ जाता हैं और एकाग्रता की कमी हो जाती हैं। यह शारीरिक और मानसिक रूप से दिख भी जाता है। इसलिए आप जब भी इस तरह के विचार आए तो तुरंत सचेत होकर विचारों की धारा को काट दे।

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3. विचारों का दमन ना करें

हम जानते हैं कि किसी भी चीज को दबाकर, बांधकर रखने से, वह और ज्यादा भड़क जाती है। जब भी ओवर थिंकिंग हो, तो जबरदस्ती विचारों को रोकने की कोशिश ना करें। इसके बजाय अपने आप को दूसरे कामों में बिजी कर दो। जैसा कि पहले बताया था आप गाने सुने या फिर कुछ ओर काम करने लग जाए। इसे कहते हैं विचारों को मोड़ना या उनकी दिशा चेंज करना।

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4. अपने विचारों को सिर्फ देखें

व्यर्थ के विचारों में उलझने के बजाय आप खुद एक प्रेक्षक(Observer) बन के, विचारों की बतमीज़ीओ को देखें। फिर थोड़ा उन पर हँसे और कहे कि क्यों फालतू में भी बिना मतलब के दौड़े जा रहा हैं।

इस तरह आप अपने आपको उनसे अलग कर देंगे और फिर आप अपना ध्यान अपने काम पर ले आएं।

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5. रिमाइंडर सेट करे

अपना दिमाग ऐसा होता है कि जब तक इसको दूसरे निर्देश नहीं मिलते हैं, यह “डिफॉल्ट मोड”‘ में काम करता रहता है।

इसलिए अपने मोबाइल पर या लैपटॉप पर रिमाइंडर सेट कर दो और अपने चारों और कुछ स्टिकी नोट्स लगा दो। ताकि बार-बार आपको याद आता रहे कि विचारों के घोड़ों को विश्राम देना है।

इससे आप DISTRACT हो जायेंगे। यह भी ओवरथिंकिंग रोकने का अच्छा तरीका है।

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6. ध्यान (Meditation)

ओवरथिंकिंग के आदत को हटाना एकदम तो possible नहीं होता है। यह अपने दिमाग को रिसेट करने जैसा हैं।

इसके लिए आपको ध्यान करना हैं। ध्यान करते समय आपको अपनी सांसो पर फोकस करना है। आप काउंटिंग (1,2,3….) भी पर स्टार्ट कर सकते हैं। शुरुआत में आप 5-10 मिनट ऐसा करे। बाद में धीरे-धीरे टाइम बढ़ाते रहें।

ध्यान करते समय विचारों की आंधी आये, तो घबराए नहीं, क्योंकी शुरुआत में बहुत परेशान करेगी लेकिन घबराए नहीं…यह धीरे-धीरे कम होगी ओर खत्म हो जाएगी।

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सारांश:

किसी भी आदत को बदलने के लिए धैर्य की जरूरत होती है। इसलिए वर्तमान पर फोकस करते हुए, लाइफ को एंजॉय करो। अभी क्या चल रहा है, उस पर सोचो। अपने अतीत या भविष्य की चिंता को साइड में रखें। और बस डटे रहें क्योंकि कुछ भी नामुमकिन नहीं है।

अगर आप भी ओवरथिंकिंग की समस्या से परेशान हो, तो ऊपर दिए तरीके अपनाइये और अगर आपको इनसे मदद मिली है, तो हमे कमेंट करके बताइये।

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17 comments

  1. mare dimag main koi tension nahi hai par har waqt sochta hu ki mind aur ankhoo main nind hamesa rataha par nind nahi aati aur koi bhi kaam main maan nahi lagta kya karu sirf mout ke bare main sochta hoo aur office home main kisi se baat karne ka maan nahi karta har waqt lazy pan rahta hai kya karu bhuk bhi nahi lagta aur kisi bhi cize main sawad nahi aata

    1. कृपया इसे पढ़े: डिप्रेशन से बाहर निकलने के आसान तरीके

  2. Sir me bhi over thinking se bhoot presan hu iski vjha se na need aati ha na hi bhook lagti ha Khana khane ka man nhi krta esa lagta ha hmari Puri life bekar ha

    1. दोस्त एक बार इस पोस्ट दिए टिप्स को अपनाने की ठान लो। कुछ दिन करके देखो। खाली सोचने से कुछ नही होगा। बदलाव के लिए आपको खुद को कदम उठाने होंगे। जब तक आप ये बदलने की पुर जोर कोशिश नही करोगे तब तक कोई चमत्कार नही होने वाला। क्योकि कोई कितना ही ज्ञान क्यो न दे, लेकिन जब अमल में ही नही लाओगे तो कैसे फायदा होगा। इसलिए एक महीने के लिए इन टिप्स पर अमल जरूर करे।

  3. Thanku so much ….Mai bahot Dino pareshaan thi is overthink se but ab maine jab article read kiya hai.. I hope ye sab jaldi thik ho Jaye bas

  4. Mein bohut upset thi aur behadd sochti hu overthinking bohut karti hu thank you in tips se mujhe madat milegi

    1. खुशी हुई ये जानकर कि इससे आपको मदद मिली

  5. Thank you so much,ye article padh k kafi relax feel hua.bahut easy words me aapne sab kuch samjhaya overthinking k baarek me.

    1. यह जानकर खुशी हुई कि आपको इससे मदद मिली।

    2. Mujhe lgta hai ki mai bahot jyada negative hoon..mujhe life me bahot kuch krna hai jiske chkkr me kuch bhi nhi kr pata..Neend bhi theek se nahi ati ..plz help me ..

    3. यह जाके सारे आर्टिकल पढ़े https://dhakadbaate.com/self-help/
      और नेगेटिव सोचना छोड़कर अच्छी मोटिवेशनल बुक पढ़ो। अपने आप से लड़ना छोड़कर अपना ध्यान अच्छी चीज़ों में लगाये।

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