श्रीकृष्णा सर्वश्रेष्ठ 15 सुविचार – Lord Krishna Hindi Quotes

भगवान् श्रीकृष्ण के धाकड़ सुविचार – Lord Shree Krishna Quotes in Hindi

भगवान् श्रीकृष्ण के धाकड़ सुविचार

हैप्पी जन्माष्टमी-जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

सदैव संदेह करनेवाले व्यक्ति के लिए खुशी ना तो इस धरती पर हैं ना ही कही ओर जगह।

अपना-पराया, ऊंच-नीच, मेरा-तुम्हारा ये सब अपने मन से हटा दो, और फिर देखो यह सब तुम्हारा हैं और तुम सबके हो।

मनुष्य अपने विश्वास से बनता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा बन जाता है।

आत्मा पुराने शरीर को ठीक उसी प्रकार त्याग देती है, जिस प्रकार मनुष्य अपने पुराने वस्त्रो को त्याग कर नए वस्त्रो धारण कर लेता है।

परिवर्तन ही इस दुनिया का नियम है, कल जो किसी और का था आज वो तुम्हारा हैं एवं कल वो किसी और का होगा।

आनंद बस मन की एक अवस्था है जिसका बाहरी दुनिया से कोई लेना देना नहीं है।

जिनके नियंत्रण में अपना मन नहीं होता है उनके लिए वो शत्रु के समान कार्य करता हैँ।

भगवान् श्रीकृष्ण के अनमोल वचन

आपका मन आपका शत्रु भी बन सकता है और मित्र भी बन सकता है।

सुख का राज कम इच्छाये रखने में है।

मन चंचल होता हैं और इसे नियंत्रित करना कठिन हैं, लेकिन निरंतर अभ्यास से इसे वश में किया जा सकता हैं।

अगर आप अपना लक्ष्य पाने में असफल हो जाते हो तो अपनी रणनीति बदले, लक्ष्य नही।

आत्मा न तो जन्म लेती है न कभी मरती है और ना ही इसे कभी जलाया जा सकता है, ना ही इसे पानी से गीला किया जा सकता है, आत्मा अजर, अमर और अविनाशी है।

अपने कार्यो को पूरा करो क्योंकि कार्य करना संपूर्ण निष्क्रियता से बेहतर है।

नर्क के 4 द्वार हैं: क्रोध, मोह, लोभ और अहंकार।

अपने कर्म का फल व्यक्ति को ठीक उसी तरह ढूंढ लेता है, जैसे कोई बछड़ा हजारों गायों के बीच अपनी मां को ढूंढ लेता है।

अपना मूल्यवान कमेंट यहाँ लिखे