भगवान बुद्ध और क्रोधित आदमी-हिंदी कहानी

क्रोध के ऊपर हिंदी कहानी

MOTIVATIONAL KAHANI STORY IN HINDI

एक दिन भगवान बुद्धा एक गांव से गुजर रहे थे।

एक बहुत नाराज और अशिष्ट युवक वहा आया और बुद्ध का अपमान करने लगा, “तुम्हे सही ज्ञान नहीं हैं। तुम भी दुसरो की तरह मुर्ख हो। तुम एक ढोंगी आदमी हो।” ऐसे वो आदमी और भी गालिया निकल रहा था।

बुद्धा उसके अपमान से परेशान नहीं हुए।

इसके बजाय उन्होंने उस जवान आदमी से पूछा, “मुझे ये बताओ, अगर तुम किसी के लिए गिफ्ट खरीदते हो और वो आदमी उसे नहीं लेने से मना कर दे, तो गिफ्ट किसके पास रहेगा।”

इस अजीब प्रश्न को सुनकर जवान आदमी अशर्यचकित हो गया और उसने जवाब दिया, “गिफ्ट मेरे पास ही रहेगा क्योकि इसे मैं दे रहा हूँ।”

बुद्ध मुस्कराये और बोले , “बिलकुल सही, और यही बात तुम्हारे गुस्से के ऊपर भी लागु होती हैं। तुमने मेरे पे गुस्सा किया, गालिया दी। लेकिन में अपमानित नहीं हुआ। मेने तुम्हारी गालिया नहीं ली। तो ये वापस तुम पर ही आ गयी।
और इस सब में तुम खुश नहीं थे। तुमने खुद को नुकसान पहुंचाया हैं।”

“अगर तुम अपने आपको नुकसान पहुंचने से बचना चाह्ते हो तो तुम्हे अपने गुस्से पर काबू पाना होगा और प्यार करना सीखना होगा। जब तुम गुस्सा करते हो तो तुम खुश नहीं रहोगे और यदि तुम प्यार करोगे, तो सब लोग खुश रहेंगे।”

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