शतरंज के खेल से 5 सबक: जो आपकी जिंदगी बदल देंगे

जिंदगी शतरंज का खेल है

शतरंज के खेल से 5 सबक

हम जो भी कदम उठाते हैं, जीवन में या शतरंज के खेल में, भविष्य के लिए एक अद्वितीय मार्ग निर्धारित करता है। लक्ष्य तक पहुंचने के लिए दोनों में एक स्मार्ट रणनीति और आत्मविश्वास से भरे नेतृत्व की आवश्यकता होती है। यह रणनीति आधारित शतरंज का खेल आपको जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखा सकता है।

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तो चलिए देखते हैं शतरंज का खेल हमे क्या सिखाता हैं:

शतरंज के खेल से मिलने वाली सीख

1. धैर्य जरूरी है

चाहे आप कितनी ही अच्छी रणनीति बनाएं। अगर आपने धीरज नहीं है। तो खेल में जीतना आपके लिए असंभव होगा।

जैसे इस खेल में हर चाल से खेल बदलता है, उसी प्रकार असल जिंदगी भी ऐसे ही बदलती है। आपके हर कदम से आपकी ज़िन्दगी की दिशा तय होती हैं। तो आपको धैर्य रखके असल ज़िन्दगी में अपने लक्ष्य के लिए सही कदम बढ़ने हैं।

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2. चाल पीछे भी लेनी पड़ती है

शतरंज में जीत के लिए हमेशा आगे बढ़ने की रणनीति काम नहीं करती है। सामने वाले की चाल समझ कर, कभी-कभी चाल वापस भी लेनी पड़ती है। सही समय पर सही चाल का होना बहुत जरूरी है।

शतरंज के खेल से मिलने वाले सबक

अपनी जिंदगी में भी सफल होने के लिए हमेशा आगे बढ़ना जरूरी नहीं है। परिस्थितियों के अनुसार अपने कदम वापस ले लेना चाहिए। फिर दोबारा सोच समझकर सही समय पर, दृढ़ता से सही कदम बढ़ाने चाहिए।

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3. केवल बड़े मोहर ही नहीं जिताते

शतरंज के खेल में छोटे मोहरों का भी उतना ही महत्व है या उन पर उतनी ही ध्यान देने की जरूरत है जितनी कि बड़े मोहरो पर ध्यान देने की जरूरत है। इसी प्रकार हमें भी असल जिंदगी में हर स्तर के लोगों के साथ जुड़ाव रखना जरूरी है।

शतरंज में प्यादे, घोड़े, हाथी, राजा या रानी…सभी मैं अगर ठीक से तालमेल नहीं बिठाया जाए तो खेल हार सकते हैं।

उसी प्रकार जिंदगी में भी परिवार के सदस्यों में या फिर सभी दोस्तों या फिर सभी कर्मचारी में तालमेल नहीं बिठाया जाए। तो हम असफल हो सकते हैं।

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4. सब कुछ अपने अनुसार नहीं होता है

इस खेल में सब कुछ अपने अनुसार नहीं होता है। सामने वाले की चाल के अनुसार अपनी चाल बदलनी पड़ती है। अगर कोई चाल आपने चली हो, तो फिर अपने हाथ में कुछ नहीं रहता है, फिर बाज़ी सामने वाले पाले में चली जाती है।

अपनी जिंदगी में भी हम चाहे जितनी योजनाएं बनाएं लेकिन जरूरी नहीं की हर बार अपने फेवर में ही नतीजा आये। अगर कुछ अपने अनुसार नहीं भी हो, तो भी हमें हार नहीं माननी चाहिए। जरूरत के हिसाब से रणनीति बदल कर, दुबारा कदम बढ़ाने की जरूरत है।

लक्ष्य ना ओझल होने पाए, कदम मिलाकर चल।
सफलता तेरे चरण चूमेगी, आज नहीं तो कल।।

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5. गलती सुधारने का मौका

गलत चाल से खेल में नुकसान हो सकता है लेकिन समय रहते अगर सही चाले चले, तो स्थिति सुधारने का मौका भी होता है।

अपने जीवन में भी बहुत सारी गलतियां कर बैठते हैं। हम असफल भी हो जाते हैं। लेकिन अपने अगले सही कदमों से स्थिति को संभाल कर दोबारा जीतने के लिए खड़े हो सकते हैं और आपको दोबारा खड़ा होना ही है। क्योकि-

आप जीतने के लिए पैदा हुए हैं

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