टॉप 36 ज़िन्दगी बदलने वाली धाकड़ मोटिवेशनल शायरी कोट्स

प्रेरणादायक धाकड़ शायरी, कोट्स, स्टेटस, सुविचार

ज़िन्दगी बदलने वाली धाकड़ मोटिवेशनल शायरी

आँखों में मंज़िल थी
गिरे फिर भी संभल गये
आँधियों में इतना दम था नहीं
चिराग तो हवाओं में भी जल गये

मैं क्यों डरूं कि ज़िन्दगी में क्या होगा
मैं क्यों सोचूं कि अच्छा-बुरा क्या होगा
आगे बढ़ता रहूँगा अपनी मंज़िल की ओर
मिल गई तो ठीक हैं वरना तजुर्वा तो होगा

या तो वक्त बदलना सीखो
या फिर बदलों वक्त के साथ
मज़बूरियों को कोसों मत
हर हालात में जीना सीखो

ज़मीन पर बैठा क्यों आसमान देखता है
अपने पंखों को खोल
ये ज़माना सिर्फ औऱ सिर्फ उड़ान देखता है

मिल जाये आसानी से उसकी ख़्वाहिश किसको है
ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं

यूँ हीं नहीं मिलती राही को मंज़िल
एक जुनून सा दिल में जगाना होता हैं
पूछा चिड़िया से, कैसे बनाया आशियाना
तो बोली, भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार
तिनका-तिनका उठाना होता है

सीढ़ियां तो उन्हें मुबारक
जिन्हें सिर्फ छत तक जाना है
मेरी मंज़िल तो आसमान हैं
और रास्ता मुझे खुद बनाना है

रख हौसला वो मंज़र भी आएगा
प्यासे के पास चलके समंदर भी आयेगा
थक हार कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर
मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा

जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है
कभी हँसाती है कभी रुलाती है
पर जो हर हाल में खुश रहते हैं
जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है

हर पल पे तेरा ही नाम होगा
तेरे हर कदम पे दुनिया का सलाम होगा
मुश्किलो का सामना हिम्मत से करना
देखना एक दिन वक़्त भी तेरा ग़ुलाम होगा

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे
इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे
कल क्या होगा कभी मत सोचो
क्या पता कल वक़्त खुद अपनी लकीर बदल दे

जिंदगी तो जिंदा दिल जिया करते हैं
मुर्दा दिल क्या खाक जिया करते हैं

बेस्ट धाकड़ शायरी

सारा जहाँ उसी का है जो मुस्कुराना जानता है
रोशनी भी उसी की है जो शमा जलाना जानता है
हर जगह मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे हैं
लेकिन ईश्वर उसी का है जो सर झुकाना जानता है

मंजिले तो मिलती हैं
भटक कर ही सही
पर गुमराह तो वो हैं
जो घर से निकलते ही नहीं

ज़िंदगी भी उसी को आज़माती है
जो हर मोड़ पर चलना जानता है
कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुरा लेता है
ज़िंदगी तो उसी की होती है
जो सब कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है

मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है
लेकिन हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है

गुजरी हुई जिंदगी की
कभी याद ना कर
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फरियाद ना कर
जो होगा वो होकर रहेगा
तू कल की फिकर में
आज की हँसी बर्बाद न कर

परिंदों को भी मिलेगी मंजिल
ये उनके पर बोलते हैं
रहते हैं कुछ लोग खामोश
लेकिन उनका हुनर बोलता हैं

मुश्किलों से भागना आसान होता है
हर पहलू ज़िंदगी का इम्तिहान होता है
डरने वालो को कुछ नही मिलता ज़िंदगी में
लड़ने वालो के कदमो में जहाँ होता है

मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती हैं
सपने के परदे निगाहों से हटाती हैं
हौसला मत हार गिर कर ए मुसाफिर
ठोकरें ही इन्सान को चलना सिखाती हैं

मंजिले उन्ही को मिलती है
जिनके सपनो में जान होती है
पंखो से कुछ नहीं होता
उड़ान तो होसलों से होती है

पावरफुल हिंदी मोटिवेशनल धाकड़ शायरी

जब टूटने लगे होसले तो बस ये याद रखना
बिना मेहनत के हासिल तख्तो-ताज नहीं होते
ढूंढ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी
जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते

काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये
हर कदम ऐसे चलो कि निशान बन जाये
यहां जिंदगी तो सब काट लेते हैं
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये

रात नहीं ख़्वाब बदलता है
मंज़िल नहीं कारवाँ बदलता है
ज़ज़्बा रखो जीतने का क्योकि
किस्मत बदले न बदले
पर वक्त ज़रुर बदलता है

डर मुझे भी लगा था फासला देख कर
पर मैं बढ़ता गया रास्ता देख कर
लेकिन खुद-ब-खुद मेरे करीब आती गई
मेरी मंजिल मेरा हौंसला देख कर

गम की अँधेरी रातो में
दिल को न बेकरार कर
सुबह जरूर आयेगी
सुबह का इंतजार कर

रास्ते में रुक के दम ले लूँ
ये मेरी आदत नहीं
लौट कर वापस चला जाऊ
ये मेरी फितरत नहीं
और कोई मिले न मिले
लेकिन मुझे रुकना नहीं

ताकतवर धाकड़ शायरी and कोट्स

हमे रोक सके
ये जमाने में दम नहीं
हमसे है जमाना
जमाने से हम नहीं

अगर देखना चाहते हो
तुम मेरी उड़ान को
तो जाओ जाकर
थोड़ा ऊंचा करो इस आसमान को

अगर फलक को ज़िद है
बिजलियाँ गिराने की
तो हमें भी जिद है
वहीं पे आशियाना बनाने की

जिन्दगी तो अपने दम पर जी जाती है
दूसरों के कंधों पे तो सिर्फ जनाजे उठा करते हैं

खोल दो पंख मेरे
अभी ऒर उड़ान बाकी है
ज़मीन नहीं है मंज़िल मेरी
अभी तो पूरा आसमान बाक़ी है
लहरों की ख़ामोशी को
समन्दर की बेबसी न समझो
जितनी गहराई अंदर है
बाहर उतना ही तूफ़ान बाक़ी है

जब कड़ी से कड़ी जोड़ते हैं
तभी तो जंजीर बनती हैं
और जब मेहनत पे मेहनत करते है
तभी तो तक़दीर बनती है।

टूटे हैं ख़्वाब मगर हौंसले जिंदा है
मुश्किलें भी हमारे आगे शर्मिंदा हैं

सोचने भर से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर
चलना भी तो जरूरी है मंज़िल पाने के लिए

मंजिल सामने हो तो रास्ता ना मोड़ना
मन में जो भी हो सपना वो मत तोड़ना
कदम कदम पर मिलेगी मुश्किलें आपको
बस सितारो को छूने के लिए जमीन मत छोड़ना

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