दृष्टिकोण-हिंदी कहानी

Hindi Stories

एक शराबी पिता के दो जुड़वाँ बेटे थे।

उनमे से एक बेटा तो शराबी हो गया और जब उससे पूछा गया कि तुम कैसे शराबी हो गए।

तो उसने कहा, “मैंने अपने पिता को देखा हैं।”

दूसरे बेटे ने ज़िन्दगी में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। उससे पूछा कि तुमने शराब को हाथ क्यों नहीं लगाया। 

तो दूसरे बेटे ने कहा, “मैंने अपने पिता को देखा हैं।”

दोनों लड़के एक ही बाप के लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। एक पिता कि तरह शराबी बन गया और दूसरे बेटे ने पिता की ख़राब आदत के परिणाम को देखते हुए उसने शराब को हाथ नहीं लगाया।

ये आपका दृष्टिकोण निर्धारित करेगा, आप ज़िन्दगी में कहा पहुंचेंगे।

नई शुरुआत करने में कभी देर नहीं होती हैं। इसीलिए आज ही एक नई शुरुआत करके अपने जीवन को सार्थक बनाये।

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