उचित हिस्सा-हिंदी कहानी

HINDI KAHANIYA

हिंदी प्रेरणादायक कहानी

रोहन और सोहन दो भाई थे। उनकी माँ बचपन में ही गुजर हई और बाप भी कुछ समय बाद चल बसा। वो उनके बेटो के लिए एक गाय और खजूर का पेड़ छोड़ के गए।

रोहन चालक और लालची था। जबकि सोहन दयालु और ईमानदार था। वह बड़े भाई पर विश्वास करता था।
वे दोनों बाप की जायदाद को बाँटना चाहते थे।

रोहन ने कहा, “में बिलकुल निष्पक्ष रूप से बंटवारा करूँगा। तुम गाय के अगले वाला हिस्सा रख लो, और में पीछे वाला हिस्सा रखता हूँ और जिसके हिस्से से जो भी प्रॉफिट होगा वो खुद ही रख लेगा। इसी तरह से ये पेड़ का भी ऊपर वाला हिस्सा मेरा और नीचे वाला तुम्हारा रहेगा।”

अब सोहन गाय को अच्छी घास डालता और पानी पिलाता। गाय एकदम हष्ट-पुष्ट हो गयी। गाय बहुत अच्छा दूध देने लगी। रोहन के हिस्से में दूध आया। उसने दूध को बेचा और ढेर सार पैसा कमाया लेकिन उसने सोहन को अपने पैसे में हिस्सा नहीं दिया।

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सोहन ने अपने हिस्से का पैसा माँगा तो रोहन ने जवाब दिया, “मेने दुध गाय के अपने हिस्से से प्राप्त किया हैं, अपने एग्रीमेंट के हिसाब से। हम दोनों केवल अपने हिस्से से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।”

सोहन ने कुछ नहीं कहा।

एक बुद्धिमान आदमी ने सोहन को सलाह दी और कान में कुछ कहा।

अगले दिन जब रोहन गाय का दूध निकल रहा था तो सोहन ने गाय को अगले भाग से पीटा। इससे गाय लात मारनी शुरु कर दी।

रोहन चिल्लाया, “अरे मुर्ख! तुम गाय को क्यों पिट रहे हो? देख नहीं रहे में दूध निकाल रहा हूँ?”

सोहन ने कहा, “गाय का अगला हिस्सा मेरा हैं, में चाहे जो करू। यही अपना एग्रीमेंट हैं।”

रोहन ने कुछ नहीं कहा। आखिरकार वो सोहन को पैसे में हिस्सा देने को तैयार हो गया।

सोहन ने कहा, “केवल पैसा ही नहीं। तुम्हे गाय को खिलाने और उसकी देखभाल करने में भी हिस्सा शेयर करना होगा।”

रोहन मान गया।

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अब पेड़ के बारे में भी, रोहन ने खजूर आने पर, उनको बेचकर लाभ कमाया लेकिन सोहन को हिस्सा नहीं दिया।

एक बार और बुद्धिमान आदमी ने सोहन को सलाह दी।

अगले दिन रोहन खजूर को उतारने के लिए पेड़ पर चढ़ा। और खजूर इकठे करने लगा। तो सोहन आया और नीचे से पेड़ को काटने लग गया।

रोहन सोहन पर चिल्लाया। तो सोहन ने उसको एग्रीमेंट के बारे में याद दिलाया, “में मेरे हिस्स्से के साथ कुछ भी कर सकता हूँ। मेरे मामले में टांग मत अड़ाओ।”

रोहन को अपनी गलती का अहसास हो गया।

रोहन बोलै, “सोहन, में एक बहुत बुरा भाई हूँ। मुझे अपनी करतूतों पर शर्म आ रही हैं। प्लीज मुझे माफ़ करदो। में वादा करता हूँ आगे से ऐसा बिल्कुल नहीं करूँगा।”

और फिर उसने अपने छोटे भाई की बहुत केयर करी और दोनों ख़ुशी से रहने लगे। अब अपना हिस्सा बाँटने लगे।

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