1/2 किलो मक्खन Hindi Kahani

हिंदी प्रेरणादायक कहानी

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एक बार एक किसान था। वो रोज एक बनिए को आधा किलो मक्खन बेचता था।

एक दिन बनिया अपने घर गया और सोचा की इस मक्खन को तोलता हु, ताकि पता चल जाये की मुझे सही मात्रा में मक्खन मिल रहा हैं या नहीं। उससे वजन किया तो पता चला की मक्खन आधा किलो से कम था।

इस पर बनिए को गुस्सा आ गया और वो उस किसान को कोर्ट में ले गया।

कोर्ट में जज ने किसान से पूछा, “वह मक्खन को तोलने के लिए क्या इस्तेमाल करता हैं।”

किसान ने जवाब दिया, ” हुजूर, मैं अनपढ़ हु। मेरे पास कोई आधा किलो का बाट भी नहीं हैं।”

जज ने पूछा, “तो तुम मक्खन को कैसे तोलते हो?”

किसान ने जवाब दिया, “हुजूर, में बहुत समय से रोज इस बनिए की दुकान से आधा किलो आटा खरीदता हु। और जो भी आटा लाता हु, उसके बराबर मक्खन तोलकर इस बनिए को दे देता हु।
अगर कोई दोषी हैं तो वो बनिया खुद है, जो मुझे रोज कम आटा तोलता हैं।

 

Moral of the Story: अपनी ज़िन्दगी में हम जो कुछ भी देते हैं, वह हमारे पास वापस जरूर लोट के आता हैं। इसलिए किसी को भी धोखा देने की कोशिश न करे।

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